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VOL. 8, ISSUE 5 (2022)
राम काव्य परम्परा में 'राम की शक्ति पूजा' : समकालीनता एवं प्रासंगिता
Authors
डॉ. रजनी कुमारी
Abstract
प्रस्तुत शोध पत्र राम काव्य परम्परा में 'राम की शक्ति पूजा' कविता जो कि महाकवि 'निराला' द्वारा रचित है में समकालीनता
एवं प्रासंगिता की खोज पर आधारित है। आलोच्य कविता में
राम का रावण से द्वंद्व ईश्वरीय नहीं है यह आज के प्रत्येक मानव का संघर्ष है। आज जो व्यक्ति सत्य के लिए लड़ता है उसका साथ देने वाले बहुत कम लोग होते हैं
और उसी को विपत्तियों का भी सामना करना पड़ता है। कवि
निराला का जीवन भी अपराजय भाव के कारण संघर्षरत रहा है । यही भाव निराला प्रत्येक व्यक्ति के मन में भी उजागर करते
हैं।
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Pages:67-68
How to cite this article:
डॉ. रजनी कुमारी "राम काव्य परम्परा में 'राम की शक्ति पूजा' : समकालीनता एवं प्रासंगिता". International Journal of Hindi Research, Vol 8, Issue 5, 2022, Pages 67-68
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