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VOL. 8, ISSUE 6 (2022)
साहित्य एक सामाजिक उत्पाद है
Authors
डॉ. रुबीना सैफी
Abstract
मनुष्य के आत्मिक जीवन की अन्य अभिव्यक्तियों की तरह साहित्य की जड़ें भी समाज के भौतिक जीवन की परिस्थितियों में होती हैं। किसी भी साहित्यकार - होमर, कालिदास, शेक्सपीयर या वाल्मीकि की प्रतिभा को उनके अपने देश और मानव इतिहास के उस विशेष युग की भौतिक परिस्थितियों से काट कर नहीं देखा जा सकता, जिसमें उनका जन्म हुआ और जिसमें रह कर उन्होंने कार्य किया। कोई भी रचना किसी रचनाकार की प्रतिभा के साथ-साथ उस समाज के विकास का भी परिणाम होती है। हालांकि किसी रचनाकार की प्रतिभा भी उसके समाज के विकास की स्थितियों से प्रभावित होती है।
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Pages:8-9
How to cite this article:
डॉ. रुबीना सैफी "साहित्य एक सामाजिक उत्पाद है". International Journal of Hindi Research, Vol 8, Issue 6, 2022, Pages 8-9
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