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International Journal of
Hindi Research
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VOL. 8, ISSUE 6 (2022)
परमारों का कला एवं साहित्य के क्षेत्र में योगदान
Authors
डॉ. कविता शर्मा
Abstract
मध्यकालीन भारतीय इतिहास में उत्तर भारत में विभिन्न राजवंशो ने शासन किया। गुर्जर-प्रतिहार, पाल, चाहमान और परमार। इनमें परमार राजवंश जिसने मध्य भारत में अपना शासन स्थापित कर अपने साम्राज्य की कीर्ति को विस्तार दिया। विशेष बात सह रही है की यह कीर्ति केवल साम्राज्य विस्तार तक ही सीमित नहीं रही बल्कि उससे बढ़कर कला एवं संस्कृति तक इसका विस्तार हुआ। परमारों ने कला एवं साहित्य के क्षेत्र में बढोतरी कर व अपने साकाम को इतिहास के सुनहरो अक्षरों में अपना नाम अंकित करवा दिया। इस समय के प्रसिद्ध कवि एवं विद्वान पद्मगुप्त ने अपने ग्रन्थ नवसाहसांकचरित में परमार वंश की संस्कृति को प्रस्तुत किया। मुंज, सिन्धुराज और भोज जैसे प्रसिद्ध शासकों ने अपनी विचारधारा से परमार वंश को कला एवं साहित्य के क्षे़त्र उन्नति के शिक्षर पर पहुँचा दिया।
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Pages:30-31
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डॉ. कविता शर्मा "परमारों का कला एवं साहित्य के क्षेत्र में योगदान". International Journal of Hindi Research, Vol 8, Issue 6, 2022, Pages 30-31
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