ARCHIVES
VOL. 9, ISSUE 1 (2023)
सामाजिक प्रेरणा के परिप्रेक्ष्य में विष्णु प्रभाकर की लेखन यात्रा
Authors
डॉ. अनीता यादव
Abstract
प्रत्येक रचना के पीछे कोई न कोई प्रेरणा अवश्य होती है। विष्णु प्रभाकर जी का मुख्य प्रेरणा स्त्रोत समाज है। जो नानाविध समस्याओं को अपने भीतर छिपाये हुए है। विष्णु प्रभाकर ने समाज की इस असन्तुलित परिस्थिति को देखा तो उन्होंने अपने साहित्य के माध्यम से समाज का मार्गदर्शन करना आवयश्क समझा। उनका नाट्य साहित्य इन प्रेरणाओं की ही परिणति है। समाज की समस्याओं ने तथा विसंगतियों ने उन्हें अपनी ओर आकर्षित किया और उन्हें प्रेरणा दी कि वे उनके उन्मूलन के लिए प्रयत्न करें। वर्तमान ही नहीं अतीत का समाज भी विष्णु प्रभाकर के लिए प्रेरणा स्त्रोत रहा है। लेखन के क्षेत्र में आने का कारण उनका अपना परिवेश भी रहा। उनका मानना है प्रेरणा और सर्जना का आपस में अटूट और गहरा सम्बन्ध है। प्रेरणा परिवेश का भी पर्याय है।
Download
Pages:46-48
How to cite this article:
डॉ. अनीता यादव "सामाजिक प्रेरणा के परिप्रेक्ष्य में विष्णु प्रभाकर की लेखन यात्रा". International Journal of Hindi Research, Vol 9, Issue 1, 2023, Pages 46-48
Download Author Certificate
Please enter the email address corresponding to this article submission to download your certificate.

