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VOL. 9, ISSUE 3 (2023)
मेहरुन्निसा परवेज की कहानियों में बदलते स्त्री-पुरूष संबंध-विविध संदर्भों में
Authors
डॉ. सुरुचि मिश्रा, सरोज मिश्रा
Abstract
प्रस्तुत शोधपत्र में हिन्दी की आधुनिक वरिष्ठ कथाकार मेहरुन्निसा परवेज की कहानियों मे बदलते स्त्री पुरूष संबंधों को विविध संदर्भो में चित्रित किया गया है। साथ ही नारी संघर्ष एवं उसकी व्यथा को चेतनार्त्गत उद्घाटित करने का प्रयास किया गया है। सृृष्टि के आरंभ से ही स्त्री - पुरूष का घनिष्ठ संबंध रहा है। एक-दुसरे को पूर्ण करने वाले ये दो अपने पृथक स्वभाव के कारण सृष्टि के क्रम में अपना अलग स्थान रखते हैं। पुरूष प्रारंभ से ही संवेदहीन महत्वाकांक्षी तथा वस्तुओं को अपने अधिकार में करने वाला रहा है, जबकि स्त्री-पुरूष संवेदनशील सदैव दैन्य भाव रखने वाली सुकोमल रही है। स्त्री की सुकोमलता और पुरूष की बलता, स्त्री को पुरूष के अधिकार में जाने में सहायक रही । स्वभाव का यह अंतर स्त्री-पुरूष संबंधों में भी दिखाई देता है। मेहरुन्निसा परवेज जी ने अपनी कहानियों में स्त्री-पुरूष के बदलते संबंधों में स्त्री की व्यथा-कथा का उल्लेख सूक्ष्मता से चित्रित किया है। स्त्री के विवाह के पश्चात् की समस्याओं का स्त्री की सामाजिक समस्याओं, विधवा समस्या, परित्यक्त नारी की नियति, बांझपन से जुझती नारी की व्यथा तथा परिवार में नारी की स्थिति के सूक्ष्म परतों को लेकर कथा-लेखिका ने अपनी कहानियों की कथा वस्तु और पात्र बनाकर प्रस्तुत किया है।
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Pages:19-21
How to cite this article:
डॉ. सुरुचि मिश्रा, सरोज मिश्रा "मेहरुन्निसा परवेज की कहानियों में बदलते स्त्री-पुरूष संबंध-विविध संदर्भों में". International Journal of Hindi Research, Vol 9, Issue 3, 2023, Pages 19-21
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