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VOL. 9, ISSUE 4 (2023)
मुंशी प्रेमचंद के उपन्यासों में विदेशी भाषाओं का प्रभाव
Authors
दिलंका रसांगी नानायाक्कार
Abstract
भारतीय महान साहित्यकार मुंशी प्रेमचंद आधुनिक हिन्दी गद्य साहित्य के एक क्रन्तिकारी उपन्यासकार थे। उनके सन 1916 में रचित सेवासदन उपन्यास के कारण अब तक के हिन्दी कथा साहित्य की दिशा का परिवर्तन हुआ था। यानी कि उपन्यास साहित्य आदर्शवाद से यथार्थ की ओर उन्मुख हो गया। उस समय भारत अँगरेज़ साम्राज्य के अधीन थे। बारी बारी से भारत में कई साम्राज्ययों के आक्रमण होने से उनकी भाषा और संस्कृति का प्रभाव भी भारतीय साहित्य पर पड़ गया। फलस्वरूप प्रेमचंद के उपन्यासों में भी कई विदेशी भाषाओँ का प्रयोग देखने को मिलता है।
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Pages:39-41
How to cite this article:
दिलंका रसांगी नानायाक्कार "मुंशी प्रेमचंद के उपन्यासों में विदेशी भाषाओं का प्रभाव". International Journal of Hindi Research, Vol 9, Issue 4, 2023, Pages 39-41
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