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VOL. 9, ISSUE 5 (2023)
समकालीन हिंदी कविता: अभिव्यक्ति पर संकट की पहचान
Authors
प्रतिभा द्विवेदी
Abstract
समकालीन हिंदी कविता में विभिन्न क्रूर शक्तियों और निरंकुश प्रवृत्ति के मनुष्यों एवं मनुष्य.समूहों की पहचान दिखाई पड़ती है। कई कविताओं में इन ताकतों के विरुद्ध प्रतिरोध का स्वर सुनाई पड़ता है। मनुष्य के संवेदनशील पक्षों पर नृशंसताओं के प्रभाव को पहचान कर हिंदी समाज और पाठकों को सचेत करना इन कविताओं का प्रमुख उद्देश्य रहा है। इन ताकतों के स्वरूप की पहचान विभिन्न कवियों की कविताओं में अलग.अलग ढंग से अभिव्यक्त हुई है। इस शोधपत्र के अंतर्गत इसी दृष्टिकोण को स्पष्ट किया गया है।
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Pages:21-23
How to cite this article:
प्रतिभा द्विवेदी "समकालीन हिंदी कविता: अभिव्यक्ति पर संकट की पहचान". International Journal of Hindi Research, Vol 9, Issue 5, 2023, Pages 21-23
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