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VOL. 9, ISSUE 5 (2023)
राजेश जोशी की कविताओं में कथा-लोक
Authors
भास्कर लाल कर्ण
Abstract
हिन्दी के सुप्रसिद्ध कवि राजेश जोशी की कविता केवल कविता नहीं है। वो एक कहानी भी हैए एक क़िस्सा भी। अपने वृतांत में गप्प के साथ एक गाथा लिए चलती है। भले इन कविताओं का पाठ शास्त्र के परंपरागत ढाँचे में भी किया जा सकता है लेकिन पढ़ते हुए उसकी मार्मिकताए उसका परिप्रेक्ष्य एवं संवेदनशीलता विविध आयामों के साथ विस्तार ले लेती है। संभवतः इसीलिए कहा जाता है कि इन कविताओं की समीक्षा अधिक बोझिल हो जाती है। इसका मूल कारण है कविताओं में समाहित कथालोकए जो विधात्मक तत्त्व-विधानों का अतिक्रमण कर ना केवल शैली में नया लेती है वरन् उद्देश्य को भी एक नई परिधि देती है।
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Pages:24-26
How to cite this article:
भास्कर लाल कर्ण "राजेश जोशी की कविताओं में कथा-लोक". International Journal of Hindi Research, Vol 9, Issue 5, 2023, Pages 24-26
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