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VOL. 9, ISSUE 5 (2023)
श्रीलाल शुक्ल जी के साहित्य में “राजनितिक चेतना“
Authors
दीपक भारद्वाज
Abstract
प्रस्तुत शोध पत्र “साहित्य में राजनितिक चेतना का स्वरूप रागदरबारी में श्रीलाल शुक्ल द्वारा रचित उपन्यास रागदरबारी की वस्तुस्तिथि को राजनितिक चेतना में देखा गया है। जिसका प्रतिबिम्ब आज भी वैसा ही है जैसा कि ६२ साल पहले स्वंत्रता के बाद हमारे देश की जनता थी। आज की राजनितिक चेतना और राजनेता दोनों के स्वरूपों को जनता तक पहुँचाना जो चुनावी भाषओं के बल पर जनता को ठगने का प्रयास क्र रहे है। श्रीलाल शुक्ल द्वारा विवेचित रागदरबारी उपन्यास में स्वंतत्रोत्तर भारत के राजनीतक सामाजिक व्यवस्था के विसगतियों का पर्दाफाश अपनी व्यंग्यात्मक शैली में किया है।
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Pages:30-32
How to cite this article:
दीपक भारद्वाज "श्रीलाल शुक्ल जी के साहित्य में “राजनितिक चेतना“". International Journal of Hindi Research, Vol 9, Issue 5, 2023, Pages 30-32
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