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VOL. 9, ISSUE 5 (2023)
प्रेमचंद के हिन्दी उपन्यासों में और मार्टिन विक्रमसिंह के सिंहली उपन्यासों में प्रयुक्त भाषा शैली
Authors
दिलंका रसांगी नानायाक्कार
Abstract
प्रेमचंद और मार्टिन विक्रमसिंह 20 वीं सदी के अलग अलग भौगोलिक परिस्थितियों में यानी भारत में और श्रीलंका में पले-पढ़े महान उपन्यासकार थे। उनके कई उपन्यासों में सरल और सामान्य शैली की ही प्राधान्य मिलता है। कई उपन्यासों में नाटकीयता और व्यंग्यात्मक शैली पात्रों के संवादों में यत्र-तत्र मिलती हैं। इतना ही नहीं अलंकारिक शैली भी कई स्थानों में विद्यमान है। प्रेमचंद और विक्रमसिंह के उपन्यासों को पढ़ने से यह भी विदित होता है कि दोनों उपन्यासकारों ने अपने कथ्य को प्रस्तुत करने हेतु वर्णनात्मक और चित्रात्मक भाषा शैली का भी प्रयोग किया था।
दोनों के उपन्यास यथार्थाेन्मुख है। उन्होंने अपनी कला को साहित्य के माध्यम से पूर्ण परिपाक तक पहुँचाया। इसी कुशलता के कारण उपन्यास क्षेत्र में उनकी अलग पहचान बन गयी। प्रेमचंद से अपने परवर्ती उपन्यासकार भी मार्गदर्शन पाए थे।
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Pages:41-45
How to cite this article:
दिलंका रसांगी नानायाक्कार "प्रेमचंद के हिन्दी उपन्यासों में और मार्टिन विक्रमसिंह के सिंहली उपन्यासों में प्रयुक्त भाषा शैली". International Journal of Hindi Research, Vol 9, Issue 5, 2023, Pages 41-45
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