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VOL. 10, ISSUE 3 (2024)
हिंदी ललित निबंध साहित्य और स्त्री चिंतन
Authors
हेमलता सिंह
Abstract
नारी-मुक्ति एक सभ्य-स्वस्थ समाज की आकाँक्षा भी है और आधार भी। नारी-शोषण मनुष्य सभ्यता का कलंक है। नारी शोषण के बरक्स नारी मुक्ति के लिए मनुष्य-समाज परंपरा से प्रयासरत भी रहा है। आधुनिक युग नारी-मुक्ति आंदोलनों का एक समृद्ध इतिहास है। बावजूद इसके नारी-स्वतंत्रता की जरूरत आज भी बनी हुई है। इस युग में नारी मुक्ति के अनेक मोर्चे तो सामने आते ही हैं, साथ ही नारी शोषण के नये तरीके भी देखने को मिलते हैं। प्रस्तुत शोध आलेख इस विसंगति पर ध्यान आकृष्ट कराता है। साथ ही नारी मुक्ति और उसके संघर्ष की परंपरा को हिंदी निबंधकार अपनी किस नजर से देखता है, नारी मुक्ति की परंपरा में हिंदी निबंधों का अपना वैचारिक योग कैसा रहता है, इन बिन्दुओं का प्रस्तुतीकरण प्रस्तुत शोध आलेख का मूल मन्तव्य है।
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Pages:16-19
How to cite this article:
हेमलता सिंह "हिंदी ललित निबंध साहित्य और स्त्री चिंतन". International Journal of Hindi Research, Vol 10, Issue 3, 2024, Pages 16-19
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