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International Journal of
Hindi Research
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VOL. 10, ISSUE 4 (2024)
मैं (अटल बिहारी वाजपेयी) राजनीति छोड़ना चाहता हूँ, मगर राजनीति मुझे नहीं छोड़ती...
Authors
रश्मि बाबेल, डॉ. मंजु चतुर्वेदी
Abstract
अटल बिहारी वाजपेयी के निधन के साथ भारत ने एक महान सपूत खो दिया। उनका अडिग और विशाल व्यक्तित्व राजनीति और समाज दोनों में एक अमिट छाप छोड़ गया। एक आदर्शवादी नेता, प्रभावशाली वक्ता और संवेदनशील कवि के रूप में उनका जीवन हिमालय की ऊंचाइयों जितना महान था। उन्होंने अपने विचारों और कार्यों से भारत को एक नई दिशा दी और हमेशा युवाओं के लिए प्रेरणा बने रहे। अविवाहित रहने के बावजूद, उन्होंने देश के हर युवा को अपनी संतान की तरह माना, और उनका विशेष स्नेह बच्चों और युवाओं के प्रति था ।
अटल जी ने राजनीति में मूल्यों और आदर्शों को स्थापित किया, और प्रधानमंत्री के रूप में उनके कार्यों ने उन्हें भारत के ढांचागत विकास का अग्रदूत बना दिया। पोखरण परमाणु परीक्षण और कारगिल युद्ध में विजय के जरिए उन्होंने भारत की शक्ति का प्रदर्शन किया, जबकि उनके नेतृत्व में शुरू की गई स्वर्णिम चतुर्भुज योजना ने देश के बुनियादी ढांचे में बड़ा बदलाव लाया। उनके विवेकपूर्ण विचारों और युवा सोच ने उन्हें पूरे देश में अत्यधिक लोकप्रिय बना दिया।
वाजपेयी जी का कवि हृदय उनकी रचनाओं में स्पष्ट झलकता था, जो सामाजिक बुराइयों पर तीखा प्रहार करतीं और लोगों को सही मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करती थीं। उनका जीवन और विचार देश को हमेशा एक नई दिशा दिखाते रहेंगे। उनके निधन से भारत ने एक महान नेता और सच्चे देशभक्त को खो दिया है, लेकिन उनके कार्य और शब्द सदा राष्ट्र के दिलों में जीवित रहेंगे।
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Pages:5-8
How to cite this article:
रश्मि बाबेल, डॉ. मंजु चतुर्वेदी "मैं (अटल बिहारी वाजपेयी) राजनीति छोड़ना चाहता हूँ, मगर राजनीति मुझे नहीं छोड़ती...". International Journal of Hindi Research, Vol 10, Issue 4, 2024, Pages 5-8
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