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VOL. 10, ISSUE 4 (2024)
भारतेंदुयुगीन साहित्य में सुधारवाद
Authors
डॉ० अनिल कुमार
Abstract
हिन्दी साहित्य के इतिहास में भारतेंदुयुग नवजागरण काल के रूप में जाना जाता है। साथ ही युग में उपजे वैचारिक संक्रमण और हलचलों से भरे अंतर्विरोधों को भी रेखांकित किया जाता है। इस सब के बीच इस शोध पत्र में उन परिप्रेक्ष्यों पर विशेष बल दिया गया है जो तत्कालीन जीवन-मूल्य, राजनीति, संस्कृति, धर्म और ज्ञान मीमांसा संबंधी परिवर्तनकामी आग्रह से बद्ध है। उक्त आग्रह को सुधारवाद की अवधारणा के संदर्भ में स्पष्ट करने की कोशिश की गई है। जिससे की उस युग को वृहद् आलोक में देखा जा सके।
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Pages:41-43
How to cite this article:
डॉ० अनिल कुमार "भारतेंदुयुगीन साहित्य में सुधारवाद". International Journal of Hindi Research, Vol 10, Issue 4, 2024, Pages 41-43
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