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VOL. 11, ISSUE 1 (2025)
हरमहेन्द्र सिंह बेदी के काव्य में संवेदना
Authors
शगनप्रीत कौर
Abstract
डॉ हरमहेन्द्र सिंह बेदी जी एक कालजयी साहित्यकार हैं क्योंकि कालजयी साहित्यकार वहीं होता है जो युग चेतना एवं युग संवेदना से अनुप्राणित होकर आगे बढ़ता हो। इनकी रचनाओं में उस आधुनिक युग-बोध का विश्लेष्ण है जो इनके समकालीन है। बेदी जी ने अपने समय के समाज में जो देखा और भोगा उसका यथार्थ चित्रण अपने काव्य में कर डाला। कहा जा सकता है कि इन्होंने अपने परिवेश को ही अपनी कविता का मुख्या आधार बनाया है। इनके काव्य का अध्ययन करने के पश्चात् देखा जा सकता है, इन्होंने अपने काव्य में सर्वहारा वर्ग की दशा का चित्रण करने के साथ मध्यवर्गीय व्यक्ति के जीवन की व्याख्या और शहरी जीवन की समस्याओं को भी उजागर करने का सफ़ल प्रयास किया है। इनकी कविताएं यहाँ समाज की दशा और दिशा का चित्रण करती हैं, वहीं पर समाज को जागरूकता और चेतना का संदेश भी देती हैं।
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Pages:90-92
How to cite this article:
शगनप्रीत कौर "हरमहेन्द्र सिंह बेदी के काव्य में संवेदना". International Journal of Hindi Research, Vol 11, Issue 1, 2025, Pages 90-92
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