Logo
International Journal of
Hindi Research
ARCHIVES
VOL. 11, ISSUE 2 (2025)
विनोद कुमार शुक्ल के उपन्यास ‘दीवार में एक खिड़की रहती थी' के काव्यात्मक निर्माण पर विवेचना
Authors
वांग ली
Abstract
‘दीवार में एक खिड़की रहती थी' हिंदी के आधुनिक काव्यात्मक उपन्यासों के प्रणेता विनोद कुमार शुक्ल की प्रतिनिधि रचना है, जिसने भारत में और विदेशों में साहित्यिक प्रशंसा अर्जित की है। यह शोधपत्र उपन्यास की काव्यात्मक संरचना का विश्लेषण करता है -- इसका अध्याय-विन्यास, भाषा की काव्यात्मक प्रकृति, बिम्बों का विचित्रीकरण और काव्यात्मक जीवन दर्शन। यह दर्शाता है कि कैसे शुक्ल ने काव्यात्मक तकनीकों के माध्यम से पाठकों को समृद्ध भावनात्मक अनुभव और गहन विचार प्रदान किए हैं, जिससे पाठक प्रकृति की सुंदरता और मानवीय गरिमा में काव्यात्मक सौंदर्यानुभूति प्राप्त करते हैं।
Download
Pages:16-18
How to cite this article:
वांग ली "विनोद कुमार शुक्ल के उपन्यास ‘दीवार में एक खिड़की रहती थी' के काव्यात्मक निर्माण पर विवेचना". International Journal of Hindi Research, Vol 11, Issue 2, 2025, Pages 16-18
Download Author Certificate

Please enter the email address corresponding to this article submission to download your certificate.