Logo
International Journal of
Hindi Research
ARCHIVES
VOL. 11, ISSUE 3 (2025)
दलित साहित्य लेखन में गैर दलित साहित्यकारों का अवदान
Authors
डॉ. उपेन्द्र प्रसाद
Abstract
दलित साहित्य आन्दोलन समकालीन हिन्दी साहित्य के अन्तर्गत विभिन्न विमर्शों में से सबसे महत्वपूर्ण विमर्श है। सामान्य तौर पर यह मान्यता है कि जन्मना दलित समुदाय के रचनाकारों द्वारा रचित कथा, कहानी, उपन्यास, नाटक, आत्मकथा, कविता आदि दलित साहित्य के अन्तर्गत माना जाता है। परन्तु साहित्य का चरित्र समावेशी होता है। उसका संबंध किसी भी समुदाय, वर्ग, जाति, धर्म, लिंग आदि से न होकर मानवीय संवेदना से होता है। यही कारण है कि हिन्दी साहित्य में प्रारम्भ से ही प्रेमचंद, निराला, नागार्जुन, रघुवीर सहाय जैसे गैरदलित साहित्यकारों ने दलितों की कथा-व्यथा को केन्द्र में रखकर अनेक रचनाएँ की हैं। यह सभी रचनाएँ अत्यंत ही महत्वपूर्ण है। इस शोध आलेख के अन्तर्गत दलित साहित्य को गति प्रदान करने में गैरदलित साहित्यकारों के अवदान को रेखांकित किया गया है।
Download
Pages:14-15
How to cite this article:
डॉ. उपेन्द्र प्रसाद "दलित साहित्य लेखन में गैर दलित साहित्यकारों का अवदान". International Journal of Hindi Research, Vol 11, Issue 3, 2025, Pages 14-15
Download Author Certificate

Please enter the email address corresponding to this article submission to download your certificate.