Logo
International Journal of
Hindi Research
ARCHIVES
VOL. 11, ISSUE 3 (2025)
पूर्वोत्तर भारत में वनक्षय: कारण, परिणाम और संभावित समाधान
Authors
धन राज
Abstract
पूर्वोत्तर भारत, जो अपनी विशेष जैव विविधता और समृद्ध  पारिस्थितिक के लिए जाना जाता है।  आज तेज गति से वनक्षय की समस्या से जूझ रहा है। वनों की कटाई के  कारणों में झूम खेती, व्यावसायिक लॉगिंग, अवैध अतिक्रमण, बुनियादी ढाँचा विकास, खनन गतिविधियाँ और वनों की आग   हैं। इन  सभी कारणों से जैव विविधता का नुकसान, भूमि क्षरण, मृदा अपरदन, जलवायु परिवर्तन में वृद्धि, जल चक्र का असंतुलन और पारंपरिक आजीविकाओं पर खतरा  उत्पन्न हो रहा है। यह शोध आलेख इस समस्या केविभिन्न  पहलुओं को रेखांकित करते हुए संभावित समाधान प्रस्तुत करता है, जैसे स्थायी कृषि पद्धतियों को प्रोत्साहन, सामुदायिक वन प्रबंधन को मजबूती, पुनर्वनीकरण, वैकल्पिक आजीविका के अवसरों का विकास, और पर्यावरणीय प्रभाव आकलन को मजबूत बनाना। निष्कर्षतः, पूर्वोत्तर भारत के पारिस्थितिकीय संतुलन की रक्षा के लिए एकीकृत दृष्टिकोण आवश्यक है जिसमें सभी  नीति निर्माताओं, वैज्ञानिकों,  विशेष रूप से स्थानीय समुदायों और पर्यावरणविदों की सहभागिता अति आवश्यक है।
Download
Pages:66-68
How to cite this article:
धन राज "पूर्वोत्तर भारत में वनक्षय: कारण, परिणाम और संभावित समाधान". International Journal of Hindi Research, Vol 11, Issue 3, 2025, Pages 66-68
Download Author Certificate

Please enter the email address corresponding to this article submission to download your certificate.