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VOL. 11, ISSUE 4 (2025)
अशोक के धम्म की वर्तमान में प्रासंगिकता
Authors
Tara Chand Meena
Abstract
अशोक महान भारतीय इतिहास के ऐसे सम्राट थे, जिन्होंने सत्ता की सीमाओं से ऊपर उठकर मानवीय मूल्य, धर्म, करुणा और अहिंसा को शासन का आधार बनाया। कलिंग युद्ध के पश्चात अशोक ने हिंसा त्यागकर ‘धम्म’ को जीवन का मार्ग बनाया, जो नैतिकता, सहिष्णुता, सत्य, करुणा और लोककल्याण पर आधारित था। वर्तमान वैष्विक परिप्रेक्ष्य में जहाँ मानवता हिंसा, असहिष्णुता, पर्यावरण संकट, और नैतिक पतन से जूझ रही है, अशोक के धम्म के सिद्धांत और अधिक प्रासंगिक हो उठे हैं। यह शोध-पत्र अशोक के धम्म की मूल अवधारणा, उसके सामाजिक, नैतिक तथा मानवीय मूल्यों का विश्लेषण करते हुए उसकी आधुनिक समय में उपयोगिता को स्पष्ट करता है।
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Pages:37-39
How to cite this article:
Tara Chand Meena "अशोक के धम्म की वर्तमान में प्रासंगिकता". International Journal of Hindi Research, Vol 11, Issue 4, 2025, Pages 37-39
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