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VOL. 11, ISSUE 4 (2025)
आधुनिक हिंदी साहित्य में महिला लेखिकाओं की सामाजिक योगदान
Authors
श्री मती जी भवानी
Abstract
स्वतंत्रता हिंदी कथा साहित्य में एक साथ कई महिला लेखिकाओं का आगमन हुआ। मन्नू भंडारी, शिवानी, उषा प्रियंवदा, कृष्णा सोबती, दीप्ति, ममता खालिया, शशि प्रभा शास्त्री, मृदुला गर्ग, चित्रा मृदगल आदि लेखिकाओं का अत्यंत महत्वपूर्ण योगदान रहा है। नारी स्वतंत्रता के इस युग में नारी का चतुर्मुखी विकास प्रारंभ हुआ। नारी ने पूर्ण रूपेण आर्थिक और सामाजिक स्वतंत्रता प्राप्त कर ली। साहित्य के क्षेत्र में भी उसने अपनी प्रतिभा के आलोक में नारी जीवन के कई अंशु में पहलुओं को उजागर किया है। युग परिवर्तन के साथ-साथ स्त्री पुरुषों के सोचने, समझने में अंतर आने लगा है। पुरुषों की नारी की ओर देखने की दृष्टि बदलती गई परिणाम स्वरुप स्त्री पर पुरुषों का परंपरागत पाश ढीला होता गया। अतः हिंदी उपन्यास साहित्य प्रवृत्तिगत परिवर्तनों के अनेक पड़ावों को पार करके आज हिंदी महिला लेखन एक महत्वपूर्ण बनकर उबर आया है।
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Pages:93-95
How to cite this article:
श्री मती जी भवानी "आधुनिक हिंदी साहित्य में महिला लेखिकाओं की सामाजिक योगदान". International Journal of Hindi Research, Vol 11, Issue 4, 2025, Pages 93-95
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