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VOL. 12, ISSUE 1 (2026)
जयनंदन की कहानियों में ग्रामीण जीवन
Authors
जॉन हेमिल्टन टोप्पो, डॉ. विश्वासी एक्का
Abstract
जयनंदन जी का प्रारंभिक जीवन ग्रामीण परिवेश से जुड़े रहने के कारण उनके कहानियों में ग्राम जीवन की सूक्ष्म से सूक्ष्म अभिव्यक्ति हुई है। जयनंदन की कहानी को भोगे हुए यथार्थ की सपाट बयानी कहा जाए तो कोई अतिश्यांेक्ति नही होगी। उन्हांेने बिहार के नवादा जिले के ग्रामीण अंचल के ग्रामीण जीवन, परिवेश, बोली-भाषा, रीति-रिवाज, आचार-विचार को अपनी कहानियों में सरल एवं सहज रूप से चित्रित किया है। उन्हांेने अपनी कहानियों में ग्रामीण अंचल के सकारात्मक और नकारात्मक पक्ष का सजीव चित्रण किया है। जयनंदन जी ने अपनी कहानियों में जीवन के कई सामाजिक विसंगतियों एवं मानव मूल्यों की यथार्थ का सूक्ष्म विश्लेषण करने का प्रयास किया है। प्रस्तुत शोध पत्र में जयनंदन के कहानियांे मे ग्रामीण जीवन पर दृष्टिपात किया गया है।
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Pages:27-29
How to cite this article:
जॉन हेमिल्टन टोप्पो, डॉ. विश्वासी एक्का
"जयनंदन की कहानियों में ग्रामीण जीवन". International Journal of Hindi Research, Vol 12, Issue 1, 2026, Pages 27-29
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