Logo
International Journal of
Hindi Research
ARCHIVES
VOL. 12, ISSUE 1 (2026)
अज्ञेय एवं निर्मल वर्मा के यात्रा साहित्य का तुलनात्मक विश्लेषण
Authors
दीप्ति डिगल , डॉ. स्नेहलता दास
Abstract
प्रस्तुत शोध पत्र हिन्दी साहित्य के दो प्रमुख हस्ताक्षर सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन ‘अज्ञेय’ एवं निर्मल वर्मा के यात्रा साहित्य का विश्लेषणात्मक और तुलनात्मक अध्ययन है। हिन्दी यात्रा साहित्य के बदलते स्वरूप के दर्शन इन साहित्यकारों के यात्रा साहित्य में द्रष्टव्य हैं। हिन्दी साहित्य में यात्रा साहित्य के कलेवर को केवल भौगोलिक सीमा में सीमित न करते हुए उसे आत्मानुभूति, संवेदनशील विचारधारा, अस्तित्वबोध, बौद्धिकता तथा ऐतिहासिक-सांस्कृतिक परिप्रेक्ष्य से समन्वित करने में इन दो महानुभावों का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है। अज्ञेय के यात्रा साहित्य जहाँ बौद्धिकता, तर्क, आधुनिक चेतना और सांस्कृतिक विश्लेषण का प्रतिपादन करता है, वहीं दूसरी ओर निर्मल वर्मा के यात्रा साहित्य संवेदना, स्मृति तथा अस्तित्वबोध की गंभीर अनुभूतियों को अभिव्यक्त करते हैं। प्रस्तुत शोध पत्र में इन दोनों साहित्यकारों के यात्रा साहित्य का तुलनात्मक अध्ययन उनकी दृष्टि, विषयवस्तु, उद्देश्य, सांस्कृतिक संदर्भों तथा भाषा-शैली के आधार पर किया गया है। यह अध्ययन स्पष्ट करता है कि दोनों साहित्यकारों ने यात्रा साहित्य की विधा को अपनी-अपनी लेखन शैली से समृद्ध करते हुए हिन्दी यात्रा साहित्य का विकास एक अग्रणी विधा के रूप में किया है।
Download
Pages:109-112
How to cite this article:
दीप्ति डिगल , डॉ. स्नेहलता दास "अज्ञेय एवं निर्मल वर्मा के यात्रा साहित्य का तुलनात्मक विश्लेषण". International Journal of Hindi Research, Vol 12, Issue 1, 2026, Pages 109-112
Download Author Certificate

Please enter the email address corresponding to this article submission to download your certificate.