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VOL. 12, ISSUE 1 (2026)
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 भारतीय ज्ञान परंपरा की संरक्षक एवं संवर्धक-एक तार्किक विश्लेषण
Authors
डॉ. शीतल चौधरी
Abstract
भारतीय सभ्यता आदिकाल से ही विश्व की सर्वोत्कृष्ट सभ्यताओं में से एक है। हमारी संस्कृति विश्व की अति प्राचीनतम एवं सर्व समावेशी संस्कृति है। वेदों से लेकर वर्तमान काल तक हमारे पास एक समृद्ध गौरवशाली विरासत रही है। प्रस्तुत शोध आलेख में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP-2020) के इन्हीं प्रावधानों को रेखांकित कर उनका विश्लेषण किया गया है, ताकि भारतीय ज्ञान परंपरा के संरक्षण एवं संवर्धन में NEP-2020 की भूमिका को जनमानस के सम्मुख लाया जा सके। NEP-2020 के परिचय में ही स्पष्ट किया गया है कि तक्षशिला, नालंदा, विक्रमशिला और वल्लभी जैसे प्राचीन भारत के विश्व स्तरीय संस्थानों ने शिक्षण व शोध में ऊंचे प्रतिमान स्थापित किए थे। जिसका परिणाम था कि इसी शिक्षा व्यवस्था ने चरक, सुश्रुत, आर्यभट्ट, वराह मिहिर, चाणक्य, पाणिनी, पतंजलि, मैत्रेयी, गार्गी और तिरुवल्लुवर जैसे अनेक विद्वानों को सृजित किया। इन विद्वानों ने फिर वैश्विक स्तर पर ज्ञान के विभिन्न क्षेत्रों जैसे खगोल विज्ञान, गणित, धातु विज्ञान, चिकित्सा विज्ञान, भवन निर्माण एवं स्थापत्य कला, योग, ललित कला इत्यादि में श्रेष्ठतम योगदान दिया। अतः स्पष्ट है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 भारतीय ज्ञान परंपरा के संरक्षण और संवर्धन की पोषक है।
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Pages:142-145
How to cite this article:
डॉ. शीतल चौधरी "राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 भारतीय ज्ञान परंपरा की संरक्षक एवं संवर्धक-एक तार्किक विश्लेषण". International Journal of Hindi Research, Vol 12, Issue 1, 2026, Pages 142-145
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