Logo
International Journal of
Hindi Research
ARCHIVES
VOL. 12, ISSUE 1 (2026)
यौगिक क्रियाएं एवं एकाग्रता का अध्ययन
Authors
चन्द्र मोहन
Abstract
वर्तमान समय मनुष्य के लिए अनेक प्रकार से संघर्षों, चुनौतियों एवं प्रतियोगिताओं का दौर है। हम दैनिक जीवन की इन गतिविधियों में इतने व्यस्त हो गये हैं, कि हमारे पास अपने स्वास्थ्य की देखभाल के लिए समय ही नहीं है। निःसंदेह इसका प्रभाव हमारे शारीरिक, मानसिक क्षमताओं, एवं मानसिक कार्यों पर पड़ता है। मन की चंचलता के कारण हम किसी भी कार्य को करते समय एकाग्रता नही रख पाते। एकाग्रता में कमी होने के कारण हमारा मन विभिन्न दिशाओं में भटकता रहता है और हमारा किसी कार्य में निष्पादन अपेक्षाकृत कम हो जाता है। योग से सम्बंधित ग्रंथो के अद्धयन से अवगत होता है कि मन की चंचलता को योग के द्वारा नियंत्रित किया जा जा सकता है और यौगिक क्रियाओं के द्वारा हम अपने शरीर एवं मन पर नियंत्रण रख सकते है। इसी परिप्रेक्ष्य में विद्यार्थी के प्रभावशाली अधिगम कार्य हेतु एकाग्रता के महत्व को स्वीकारते हुए शोधकर्ता द्वारा यौगिक क्रियाएं एवं एकाग्रता को अपने अद्धयन का विषय चुना गया। इस अद्धयन हेतु शोधकर्ता द्वारा उत्तराखंड के सीमान्त जनपद उत्तरकाशी के राजकीय महाविद्यालय के शिक्षा-संकाय में अद्धयनरत 30 बी.एड. प्रशिक्षुओं का चयन किया गया। शोधकर्ता द्वारा बी.एड. प्रशिक्षुओं के समूह द्वारा किये गये साप्ताहिक यौगिक कार्याे के अवलोकन, प्रयोग एवं साक्षात्कार के विश्लेषणोंप्रांत पाया गया कि बी.एड.प्रशिक्षुओं की यौगिक क्रियाओं के उपरान्त उनकी एकाग्रता में सकारात्मक परिवर्तन हुए।
Download
Pages:155-157
How to cite this article:
चन्द्र मोहन "यौगिक क्रियाएं एवं एकाग्रता का अध्ययन ". International Journal of Hindi Research, Vol 12, Issue 1, 2026, Pages 155-157
Download Author Certificate

Please enter the email address corresponding to this article submission to download your certificate.