Logo
International Journal of
Hindi Research
ARCHIVES
VOL. 12, ISSUE 1 (2026)
स्वतंत्रता-पूर्व और स्वतंत्रता-पश्चात हिंदी कहानी में नारी एवं पुरुष की बदलती स्थिति : एक तुलनात्मक अध्ययन
Authors
एम. डी. इम्तियाज़
Abstract
हिंदी कहानी साहित्य भारतीय समाज के सामाजिक, सांस्कृतिक एवं वैचारिक परिवर्तनों का सशक्त दर्पण रहा है। स्वतंत्रता-पूर्व हिंदी कहानी में सामाजिक आदर्शवाद, नैतिक मूल्य एवं पारिवारिक मर्यादा प्रमुख रहे, जबकि स्वतंत्रता-पश्चात कहानी साहित्य में व्यक्ति-चेतना, मनोवैज्ञानिक यथार्थ और स्त्री-पुरुष संबंधों की जटिलता उभरकर सामने आई। प्रस्तुत शोध-पत्र का उद्देश्य दोनों कालखंडों की प्रतिनिधि कहानियों के आधार पर नारी एवं पुरुष पात्रों की बदलती सामाजिक, वैचारिक तथा मनोवैज्ञानिक स्थिति का तुलनात्मक विश्लेषण करना है। अध्ययन यह स्थापित करता है कि हिंदी कहानी साहित्य में लैंगिक भूमिकाएँ स्थिर न होकर सामाजिक परिवर्तन के साथ निरंतर पुनर्निर्मित होती रही हैं। 
Download
Pages:208-209
How to cite this article:
एम. डी. इम्तियाज़ "स्वतंत्रता-पूर्व और स्वतंत्रता-पश्चात हिंदी कहानी में नारी एवं पुरुष की बदलती स्थिति : एक तुलनात्मक अध्ययन". International Journal of Hindi Research, Vol 12, Issue 1, 2026, Pages 208-209
Download Author Certificate

Please enter the email address corresponding to this article submission to download your certificate.