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International Journal of
Hindi Research
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VOL. 12, ISSUE 1 (2026)
आधुनिक हिंदी कहानी: स्रोत, स्वरूप और प्रथम मौलिक कहानी पर विमर्श
Authors
डॉ. एम. शाबान खान
Abstract
हिंदी कहानी के उद्भव को लेकर साहित्य जगत में लंबे समय से विवाद रहा है कि इसका मूल स्रोत भारतीय कथा-परंपरा है या इसका विकास पश्चिमी ‘शार्ट स्टोरी’ के प्रभाव से हुआ। प्रस्तुत शोध लेख में हिंदी कहानी की उत्पत्ति और विकास की प्रक्रिया का समालोचनात्मक अध्ययन किया गया है। इसमें वेद, उपनिषद, पुराण, जातक कथाओं तथा संस्कृत कथा-साहित्य की परंपरा का विवेचन करते हुए यह देखा गया है कि इन ग्रंथों में कथात्मक तत्त्व तो विद्यमान हैं, परंतु आधुनिक कहानी की शिल्पगत विशेषताएँ नहीं मिलतीं। आगे चलकर बंगला ‘गल्प’ और अंग्रेज़ी ‘शार्ट स्टोरी’ के प्रभाव से हिंदी में आधुनिक कहानी विधा के विकास का विश्लेषण किया गया है। साथ ही हिंदी की प्रथम मौलिक कहानी को लेकर विद्वानों के विभिन्न मतोंकृ‘रानी केतकी की कहानी’, ‘इंदुमती’, ‘ग्यारह वर्ष का समय’, ‘दुलाईवाली’, ‘एक टोकरी भर मिट्टी’ और ‘उसने कहा था’कृका तुलनात्मक परीक्षण प्रस्तुत किया गया है। अध्ययन के आधार पर यह निष्कर्ष उभरता है कि आधुनिक हिंदी कहानी का स्वरूप पश्चिमी प्रभाव से निर्मित हुआ, जबकि भारतीय कथा-परंपरा ने उसकी पृष्ठभूमि तैयार की।
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Pages:230-232
How to cite this article:
डॉ. एम. शाबान खान "आधुनिक हिंदी कहानी: स्रोत, स्वरूप और प्रथम मौलिक कहानी पर विमर्श". International Journal of Hindi Research, Vol 12, Issue 1, 2026, Pages 230-232
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