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International Journal of
Hindi Research
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VOL. 12, ISSUE 2 (2026)
दलित विमर्श की वैचारिकी
Authors
डॉ. राजीव कुमार
Abstract
किसी भी विमर्श या आलोचना साहित्य के निर्माण एवं विकास में वैचारिकी का प्रमुख स्थान होता है । दलित विमर्श के विकास के केन्द्र में उसकी वैचारिकता का प्रमुख स्थान है । दलित विमर्श के केन्द्र में अम्बेडकरवादी विचारधारा की केन्द्रीय भूमिका है, पर साथ ही वह समस्त मानव के कल्याण से जुड़े विचारों की भी समर्थक है । इस आलेख में दलित विमर्श की वैचारिकी के प्रमुख आधारों को विश्लेषित करने का प्रयास किया जायेगा । 
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Pages:105-107
How to cite this article:
डॉ. राजीव कुमार "दलित विमर्श की वैचारिकी". International Journal of Hindi Research, Vol 12, Issue 2, 2026, Pages 105-107
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