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International Journal of
Hindi Research
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VOL. 12, ISSUE 2 (2026)
कोड मिक्सिंग एवं कोड स्विचिंग : भावैज्ञानिक अध्ययन
Authors
Dr. Jyothi Ratnam D
Abstract
यह शोध पत्र बहुभाषी समाज में कोड-मिक्सिंग और कोड-स्विचिंग की भाषाई प्रवृत्तियों का एक विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत करता है।भाषा केवल मानवीय विचारों की अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं है, बल्कि यह निरंतर विकसित होने वाला एक रणनीतिक उपकरण है। हेनरी स्वीट के भाषा वैज्ञानिक सिद्धांतों के अनुसार, भाषा वह तंत्र है जहाँ शब्द और अर्थ के सामंजस्य से विचारों का आदान-प्रदान होता है। वैश्विक आर्थिक एकीकरण के इस दौर में, भाषाई परिवर्तन एक अपरिहार्य प्रक्रिया बन चुकी है।मानवीय स्वभाव स्वाभाविक रूप से नई भाषाओं को सीखने और उन्हें अपनी अभिव्यक्ति में आत्मसात करने की ओर अग्रसर है। वैश्वीकरण ने इस प्रवृत्ति को और तीव्र किया है, जिससे हिंदी जैसी गतिशील भाषा में 'कोड-मिक्सिंग' और 'कोड-स्विचिंग' जैसी प्रवृत्तियाँ मुख्यधारा बन गई हैं। कोड-मिक्सिंग और कोड-स्विचिंग वैश्वीकरण के प्रति भारतीय समाज की प्रगतिशील मानसिकता का सहज प्रतिबिंब हैं। भाषा समाज की उपज है, और हिंदी का व्याकरणिक लचीलापन इसे एक वैश्विक प्रतिस्पर्धी भाषा बनाता है। इस निबंध में हिंदी भाषा में प्रचलित कोड-मिक्सिंग और कोड़-स्वीचिंग प्रवणतावों का  विश्लेषणात्मक अध्ययन प्रस्तुत करता है।  हिन्दी समाचार पत्र एवं  हिन्दी वोल्ग और यूट्यूब से 1000 से अधिक  हिंगलिश कमेंट संगृहीत करते हुए भाषा वैज्ञानिक स्तर पर विश्लेषणात्मक अध्ययन किया है।
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Pages:113-115
How to cite this article:
Dr. Jyothi Ratnam D "कोड मिक्सिंग एवं कोड स्विचिंग : भावैज्ञानिक अध्ययन". International Journal of Hindi Research, Vol 12, Issue 2, 2026, Pages 113-115
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