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VOL. 12, ISSUE 3 (2026)
काव्य में संवेदना का पक्ष
Authors
डॉ. प्रणव शर्मा
Abstract
शोध संक्षेपरू काव्य में संवेदना सबसे महत्वपूर्ण तत्व होती है। कोई घटना या दृश्य कवि को प्रभावित करते हैं और यह प्रभाव उनके संवेदनशील हृदय तक कुच करता है। कवि हृदय के अन्तःस्थल से उठी संवेदनाओं को प्रतिक्रिया स्वरूप व्यक्त करता है। संवेदना के अभाव में काव्य अपने मूल अर्थवत्ता खो बैठती है। किसी काव्य को बार-बार पढ़ने या सुनने के पीछे का एक मुख्य कारण काव्य में संवेदना के विभिन्न स्तरों का निहित होना होता है। किसी काव्य का अलंकार या रस युक्त होना लेकिन संवेदना का ना होना काव्य को कमजोर करता है। केवल शब्दों की सजावट से काव्य अपने सभी गुणों में खिल नहीं पाता। इस शोध पत्र के माध्यम से काव्य में संवेदना के पक्ष पर विचार किया गया है।
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Pages:142-143
How to cite this article:
डॉ. प्रणव शर्मा "काव्य में संवेदना का पक्ष". International Journal of Hindi Research, Vol 12, Issue 3, 2026, Pages 142-143
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