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VOL. 1, ISSUE 1 (2015)
महादेवी वर्मा के साहित्य में वेदना और ममता की प्रधानता का चिंतन
Authors
राजेन्द्र प्रसाद तिवारी, भगत सिंह
Abstract
महादेवी वर्मा का हृदय एक माँ का हृदय था। जिसमें समस्त मानव जाति की वेदना समाई हुई थी। उनके द्वारा उकेरे गए चित्र उनमें विद्यमान मानवीयता तथा ममत्व की भावना को दर्षाते है। उनके पात्र साधारण समाज के पात्र हैं जो कि समाज में उपेक्षित और पीड़ीत है। महादेवी ने उनकी पीड़ा को समझा है ओर समाज के सामने प्रस्तुत किया है। महादेवी जी के अतीत के चलचित्र, स्मृति की रेखाएं, श्रंृखला की कड़ियाँ तथा मेरा परिवार उनकी इन्हीं भवनाओं के प्रतिबंब है।
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Pages:01-02
How to cite this article:
राजेन्द्र प्रसाद तिवारी, भगत सिंह "महादेवी वर्मा के साहित्य में वेदना और ममता की प्रधानता का चिंतन". International Journal of Hindi Research, Vol 1, Issue 1, 2015, Pages 01-02
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