ARCHIVES
VOL. 6, ISSUE 3 (2020)
भारतीय काव्य शास्त्रीय सिद्धांतों में प्रयुक्त रीति का भारतीय विज्ञापनों में प्रयोगः रीति के चुनित दस गुणों और अंतर्जाल के अंतर्गत विज्ञापनों के माध्यम से
Authors
संगीत रत्नायक
Abstract
प्रस्तुत शोधालेख में भारतीय काव्य शास्त्रीय सिद्धांतों के अंतर्गत रीति का भारतीय विज्ञापनों में प्रयोग किये जाने की क्षमता का अध्ययन किया गया है। इस अनुसंधान के लिए रीति के दस गुण तथा अंतर्जाल के अंतर्गत भारतीय विज्ञापनों को आधार बनाया गया है। इसमें निरीक्षण किया गया है कि चुनित भारतीय विज्ञापनों में चुनित रीति के गुण प्रयुक्त हुए हैं या नहीं। निष्कर्ष के रूप में यह विदित हुआ है कि रीति के चुनित दस गुणों में से सात गुणों का - प्रसाद, समता, समाधि, सौकुमार्य, उदारता, अर्थव्यक्ति तथा कांति - विज्ञापनों में प्रयोग हुआ है। उनमें से तीन गुणों - ओज, माधुर्य तथा श्लेष - प्रयुक्त नहीं हुए हैं। इस प्रकार प्रस्तुत शोध में यह बात प्रकट हुई कि विज्ञापनों को आकर्षित बनाने के लिए उनके शिल्प पक्ष पर जब ध्यान दिया जाता है, तब साभिप्राय या निराभिप्राय रीति के गुणों का प्रयोग होता है। उनमें से तीनों का प्रयोग न होने से यह बात स्पष्ठ होती है कि अंतर्जाल के अंतर्गत भारतीय विज्ञापनों में रीति के गुणों का पूरी तरह प्रयोग करने में वे सफल नहीं हुए हंै। अगर रीति के गुणों का पूरी तरह से प्रयोग किया जाए तो विज्ञापन अधिकाधिक सफल बनाये जा सकते सकते हैं।
Download
Pages:16-18
How to cite this article:
संगीत रत्नायक "भारतीय काव्य शास्त्रीय सिद्धांतों में प्रयुक्त रीति का भारतीय विज्ञापनों में प्रयोगः रीति के चुनित दस गुणों और अंतर्जाल के अंतर्गत विज्ञापनों के माध्यम से". International Journal of Hindi Research, Vol 6, Issue 3, 2020, Pages 16-18
Download Author Certificate
Please enter the email address corresponding to this article submission to download your certificate.

