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VOL. 7, ISSUE 2 (2021)
अरुणाचल प्रदेश की निशी जनजाति की लोककथाओं का अध्ययन: एक आवश्यकता
Authors
तेली मोमू
Abstract
अरुणाचल प्रदेश की प्रमुख जनजातियों में निशी जनजाति का नाम प्रमुख रूप से हमारे सामने आता है। अरूणाचल प्रदेश की निशी जनजाति जनजातीय समाज से तालूक रखता है। अरूणाचल प्रदेश की निशी जनजाति की लोकसाहित्य मौखिक रूप से मौजूद है। अरूणाचल प्रदेश की निशी जनजाति की लोककथाएँ लोगों की मानसिकता के साथ ही प्रकट हुई हैं जो निशी जनजाति की संस्कृति से जुड़ी हुई हैं। इनकी लोकसाहित्य की संरक्षणा के लिए उनकी लोकसाहित्य को लिपिबद्ध करना अति आवशयक है और उसके लिए निशी जनजाति की लोकसाहित्य की एक अंश लोककथा पर अध्ययन करना अति आवश्यक है। आज बढ़ते आधुनिकीकरण से युवा वर्ग अपनी परम्पराएँ, रीति-रिवाज, पूर्वजों के सांस्कृतिक धरोहर, विश्वासों, आदि को भूल रहे हैं। अत: आवश्यकता इस बात की है कि इस दिशा में अधिक से अधिक निशी लोककथाओं की अमूल्य विरासत का संकलन करके उसे कुरक्षित रखा जाए। इस बात से भी डर लगता है कि कही बढ़ती आधुनिकीकरण निशी लोकसाहित्य के प्रमुख भाग निशी लोककथाओं के लुप्त होने का कारण न बन जाए। अत: अरूणाचल प्रदेश की निशी जनजाति की लोकजीवन को समझने, जानने और उसकी संरक्षा के लिए निशी जनजाति की लोकसाहित्य के प्रमुख भाग निशी लोककथाओं पर शोधपरक कार्य करना अति आवश्यक है।
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Pages:01-04
How to cite this article:
तेली मोमू "अरुणाचल प्रदेश की निशी जनजाति की लोककथाओं का अध्ययन: एक आवश्यकता". International Journal of Hindi Research, Vol 7, Issue 2, 2021, Pages 01-04
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