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VOL. 7, ISSUE 2 (2021)
‘अंधेरे में’ का तनाव और ‘अमन का राग’ : तुलनात्मक अध्ययन
Authors
गौरव वर्मा
Abstract
मुक्तिबोध और शमशेर आधुनिक हिंदी साहित्य के दो बड़े कवि हैं । मुक्तिबोध और शमशेर ने कई कविताएं लिखी हैं जिनमें उनकी दो प्रसिद्ध लंबी कविताएं क्रमशः अंधेरे में और अमन का राग है । अंधेरे में कविता मुक्तिबोध के तनाव का परिणाम प्रतीत होता है । इस कविता में वे समाज की विसंगतियों का चित्रण करते हुए और जनमानस को चेतना प्रदान करते हुये संघर्ष और अभव्यक्ति के लिए प्रेरित करते दिखाई देते हैं । दूसरी ओर शमशेर जो प्रेम के कवि हैं, एकालाप में संलाप के कवि हैं वे अमन का राग आलापते हुए समाज में एक सूफी की तरह भाईचारे और प्रेम का संदेश देते हुये दिखाई देते हैं । मुक्तिबोध और शमशेर दोनों एक ही समय में विद्यमान कवि थे जो समाज में एक तरफ परिवर्तन के लिए प्रेरित करते हैं और दूसरी तरफ प्रेम के लिए ।
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Pages:52-55
How to cite this article:
गौरव वर्मा "‘अंधेरे में’ का तनाव और ‘अमन का राग’ : तुलनात्मक अध्ययन ". International Journal of Hindi Research, Vol 7, Issue 2, 2021, Pages 52-55
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