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VOL. 7, ISSUE 3 (2021)
पाकुड़ जिले की विद्यार्थियों की गणित उपलब्धियों का शैक्षिक विश्लेषण एवं व्याख्या
Authors
मनोहर कुमार
Abstract
मानव एक सृजनशील जीव है। ज्ञान, बोध एवम प्रयोग की योग्यता इसमें विद्यमान है। चराचार जगत को सुखमय, सरल, आनंदपूर्ण, सार्थक बनाने के लिए वह सदा प्रयत्नशील रहता है। अतीत को वर्तमान मानकों पर परखने की क्षमता के साहारे वह नित्य नये खोज में लगा रहता है। बच्चों के हृदय तथा मस्तिष्क के गुणों के विकास करने में गणित एक प्रमुख धुरी की भूमिका निभा रहा है। यह बच्चों को अच्छा नागरिक बनाने में मदद करता ह। यह बच्चों को बौद्धिक दृष्टिकोण से अधिक प्रखर, कार्य करने के योग्य, उपयुक्त तथा नैतिक रूप से उच्च बनाता है। गणित की प्रत्येक समस्या को हल करने के लिए मानसिक कार्य की आवश्यकता होती है। जैसे ही गणित की कोई समस्या बच्चे के सामने आती है, उसका मस्तिष्क उस समस्या तथा उसका समाधान करने के लिए क्रियाशील हो जाती है। दैनिक व्यवहार में घर, बाजार, आय-व्यय आदि सभी के प्रभाव पूर्ण संचालन हेतु गणित की आवश्यकता होती हैं। इसी प्रकार गणित का अनुशांसन संबंधी मूल्य भी महत्वपूर्ण है। गणित का ज्ञान बच्चों के चारित्रिक एवं नैतिक विकास में भी सहायता करता है। बुद्धि के विकास पर वातावरण का असर पड़ता है। अच्छे वातावरण के द्वारा बालिकाओं की बुद्धि में विकास होता है। शैक्षिक दृष्टि से गैर-सरकारी स्कूलों का परिवेश सरकारी स्कूलों की अपेक्षा छात्राओं के लिए उत्तम एवं अनुकूल होता है। गैर-सरकारी स्कूलों में छात्रों के सामान्य ज्ञान एवं बुद्धि के विकास के अनेक साधन उपलब्ध होते है परंतु सरकारी विद्यालयों में बुद्धि विकसित करने वाले साधन या तो उपलब्ध ही नहीं होते या होते भी है तो नगण्य रूप में। विद्यालयी परिवेश बालिकाओं की बुद्धि को विकसित करने में एक अभिप्रेरण का कार्य करता है।
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Pages:73-78
How to cite this article:
मनोहर कुमार "पाकुड़ जिले की विद्यार्थियों की गणित उपलब्धियों का शैक्षिक विश्लेषण एवं व्याख्या ". International Journal of Hindi Research, Vol 7, Issue 3, 2021, Pages 73-78
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