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VOL. 8, ISSUE 1 (2022)
लेखकीय संघर्ष और इंसानियत की अभिव्यक्ति-कथाः फिलाॅस्फर
Authors
धर्मेन्द्र कुमार, सुनीता यादव
Abstract
प्रस्तुत शोध-आलेख में प्रसिद्ध उपन्यासकार विजय सौदाई के उपन्यास ‘फिलाॅस्फर’ की विवेचना भाव-सौन्दर्य की दृष्टि से की गई है। इस उपन्यास की संक्षिप्त कथा के माध्यम से इसके कथ्य पर भी विचार किया गया है। विजय सौदाई मानवीय मूल्यों की स्थापना करने वाले उपन्यासकार रहे हैं। जाति-धर्म से आगे बढ़कर इंसानियत की बात करने वाले रचनाकारों में उनकी गिनती होती है। आलेख में ‘फिलाॅस्फर’ उपन्यास के विविध मानवीय, सामाजिक एवं अन्य पक्षों पर सम्यक दृष्टि डाली गई है। मानव जीवन के विभिन्न भावों एवं परिस्थितियों का सम्यक् विवेचन ‘फिलाॅस्फर’ में देखा जा सकता है। उपन्यास के भाव-सौन्दर्य के माध्यम से एक लेखक के जीवन-संघर्षों की अभिव्यक्ति को व्याख्यायित करने का प्रयास शोध-आलेख में किया गया है।
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Pages:31-35
How to cite this article:
धर्मेन्द्र कुमार, सुनीता यादव "लेखकीय संघर्ष और इंसानियत की अभिव्यक्ति-कथाः फिलाॅस्फर ". International Journal of Hindi Research, Vol 8, Issue 1, 2022, Pages 31-35
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