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VOL. 8, ISSUE 2 (2022)
अंधायुगः आधुनिक समय का दस्तावेज
Authors
मीनाक्षी
Abstract
धर्मवीर भारती कृत गीतिनाट्य ‘अंधायुग’ मंे वर्णित कथा (अतीत) के माध्यम से आधुनिक युग और परिस्थितियों की समस्याओं की मार्मिकता को उजागर किया गया है। इस गीतिनाट्य में आधुनिक युग की मूल्यहीनता, चरम हताशा, भय, निराशा, संदेह, चारित्रिक पतन, भ्रष्ट आचरण, सामाजिक ह्रास, नैतिक मूल्यों के प्रति अविश्वास, ईश्वर में आस्था और अनास्था आदि विषयों को विभिन्न चरित्रों और परिस्थितियों के माध्यम से दिखाया गया है। युद्धोपरांत ह्रासोन्मुखी संस्कृति, ईश्वरत्व और मनुष्यत्व दोनों का विनाश और वर्तमान समय के मनुष्य की मनोग्रंथियों को पुराने संदर्भों के माध्यम से उजागर किया गया है। ‘वर्तमान युग में ऐसी स्थितियां उत्पन्न हो चुकी है, जिसमें अपनी नियति के इतिहास निर्माण के सूत्र मनुष्य के हाथों से छूटे हुए लगते हैं। मनुष्य दिनोंदिन निरर्थकता की ओर अग्रसर होता प्रतीत होता है। यह संकट केवल आर्थिक या राजनीतिक संकट नहीं है वरन् जीवन के सभी पक्षों में समान रूप से प्रतिफलित हो रहा है। यह केवल पश्चिम या पूर्व का नहीं वरन् समस्त संसार में विभिन्न धरातलों पर विभिन्न रूपों में प्रकट हो रहा है।’
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Pages:43-47
How to cite this article:
मीनाक्षी "अंधायुगः आधुनिक समय का दस्तावेज". International Journal of Hindi Research, Vol 8, Issue 2, 2022, Pages 43-47
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