ARCHIVES
VOL. 8, ISSUE 4 (2022)
कुमाउँनी साहित्य में व्यक्त स्वतंत्रता-संग्राम एवं राष्ट्रीयता की भावना
Authors
गिरीश चन्द्र, सुभाष चन्द्र सिंह कुशवाहा
Abstract
कुमाउँनी साहित्यकारों ने अपने काव्य में देशप्रेम एवं राष्ट्रीयता की भावना को प्रमुख रूप से प्रस्तुत किया है। स्वतंत्रता आंदोलन के आरंभ से ही कुमाऊँ में भी राष्ट्र को ब्रिटिश शासन से मुक्ति दिलाने के लिए सैकड़ों क्रांतिकारी देशभक्तों ने अपना योगदान दिया। यहाँ के गढ़वाल रेजीमेंट व कुमाऊँ रेजीमेंट की सेनाओं ने स्वतंत्रता आंदोलन में अपनी प्रमुख भूमिका निभाई है। वर्तमान में भारत की हो रही दुर्दशा के कारण कुमाउँनी साहित्यकारों ने अपने देश-प्रदेश के उत्थान और भारतवर्ष की जीर्ण-शीर्ण होती हुई राष्ट्रीयता को पुनस्र्थापित करने का प्रयास किया है।
Download
Pages:75-80
How to cite this article:
गिरीश चन्द्र, सुभाष चन्द्र सिंह कुशवाहा "कुमाउँनी साहित्य में व्यक्त स्वतंत्रता-संग्राम एवं राष्ट्रीयता की भावना". International Journal of Hindi Research, Vol 8, Issue 4, 2022, Pages 75-80
Download Author Certificate
Please enter the email address corresponding to this article submission to download your certificate.

