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VOL. 8, ISSUE 4 (2022)
हिन्दी कहानियों में वृद्ध संघर्ष
Authors
पुष्पा देवी
Abstract
वृद्धावस्था मानव जीवन का अन्तिम पड़ाव है। जीवन के इस अन्तिम पड़ाव तक आते-आते मानव थक-सा जाता है। उसके अंग षिथिल पड़ने लगते हैं। वह शारीरिक व मानसिक दोनों रूपों से कमजोर हो जाता है। इस स्थिति में घर-परिवार के लोग उसकी उपेक्षा करने लगते हैं, जिससे वे अपना आत्मविष्वास और आत्मसम्मान खो देते हैं और भयभीत होकर जीवन व्यतीत करते हैं। हिन्दी कथा साहित्य में ऐसी अनेकों कहानियाँ हैं जिसमें वृद्धों का संघर्ष चित्रित किया गया है।
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Pages:99-102
How to cite this article:
पुष्पा देवी "हिन्दी कहानियों में वृद्ध संघर्ष". International Journal of Hindi Research, Vol 8, Issue 4, 2022, Pages 99-102
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