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VOL. 8, ISSUE 5 (2022)
भारतीय पारम्परिक चिकित्सा यूनानी में विभिन्न खुराक रूप
Authors
Dr Reesha Ahmed, Dr Mohd Wasim Ahmed, Dr Asma Sattar Khan, Shoeb Ahmed Ansari, Dr R P Meena
Abstract
पारंपरिक चिकित्सा आज अधिक महत्व और अनुप्रयोग प्राप्त कर रही है, खासकर जब हम कई चिकित्सा स्थितियों के प्रबंधन में कठिनाई का सामना कर रहे हैं। आधुनिक युग में अधिक प्रभावी और स्वादिष्ट दवा खुराक रूपों की आवश्यकता है। पारंपरिक औषधियों के खुराक रूपों में हाल की प्रवृत्ति घुलनशीलता, जैवउपलब्धता, औषधीय गतिविधि, स्थिरता को बढ़ाने, विषाक्तता को कम करने और अनुपालन बढ़ाने आदि की है। वैश्विक स्तर पर अनुकूलन हेतु यूनानी और अन्य भारतीय पारंपरिक चिकित्सा फार्मेसियों में खुराक रूपों सम्बंधी तत्कालिक रुझानों को अपनाने की अत्यधिक आवश्यकता है ।मूल रूप से यूनानी खुराक के रूप को 1) ठोस, 2) अर्ध-ठोस 3) तरल 4) गैसें रूप में विभाजित किया गया है।
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Pages:50-51
How to cite this article:
Dr Reesha Ahmed, Dr Mohd Wasim Ahmed, Dr Asma Sattar Khan, Shoeb Ahmed Ansari, Dr R P Meena "भारतीय पारम्परिक चिकित्सा यूनानी में विभिन्न खुराक रूप". International Journal of Hindi Research, Vol 8, Issue 5, 2022, Pages 50-51
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