Logo
International Journal of
Hindi Research
ARCHIVES
VOL. 8, ISSUE 6 (2022)
प्रबंधकाव्यः एक दृष्टि
Authors
डॉ. के. चन्द्रा
Abstract
प्रबंधकाव्य एक समाख्यान काव्य है। इसमे कथा अपरिहार्य रूप से होती है। प्रबंधकाव्य में कथा के साथदृसाथ भावों एवं विचारों की शृंखलबद्ध होना भी आवश्यक है। इसमे सम्पूर्ण समाज एक इकाई के रूप में चित्रित होता है। आचार्य शुक्ल प्रबंधकाव्य के लिए रसात्मकता को अनिवार्य मानते है। किसी विषय या कथा का गद्य या पद्य में प्रस्तुतीकरण प्रबंध कहलाता था।
Download
Pages:44-45
How to cite this article:
डॉ. के. चन्द्रा "प्रबंधकाव्यः एक दृष्टि". International Journal of Hindi Research, Vol 8, Issue 6, 2022, Pages 44-45
Download Author Certificate

Please enter the email address corresponding to this article submission to download your certificate.