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VOL. 9, ISSUE 1 (2023)
हिन्दी समीक्षा का विकास- द्विवेदी जी
Authors
डॉ. के. चंद्रा
Abstract
आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी जी एक कुशल प्राध्यापक, सृजनशील कथाकार, श्रेष्ठ निबंधकार एवम समर्थ आलोचक के रूप में बहुआयामी प्रतिभा- सम्पन्न पुरुष हैं। आचार्य रामचंद्र शुक्ल जी के बाद हिन्दी आलोचना/समीक्षा के विकास में हजारीप्रसाद दिवेदीजी एक प्रबल एवं महत्वपूर्ण कड़ी हैं। द्विवेदी जी मानवतावादी- विकासवादी आलोचक रहे। इन्होंने परम्परागत रूढि तथा मिथ्याचार की जगह पर वैज्ञानिक दृष्टि को प्रश्रय दिया। अतः हजारीप्रसाद द्विवेदी जी का महत्व हिंदी आलोचना में निर्विवाद है।
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Pages:34-36
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डॉ. के. चंद्रा "हिन्दी समीक्षा का विकास- द्विवेदी जी". International Journal of Hindi Research, Vol 9, Issue 1, 2023, Pages 34-36
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