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International Journal of
Hindi Research
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VOL. 9, ISSUE 2 (2023)
रघुवीर सहाय की कविताओं का वैशिष्टय
Authors
ओम नारायण
Abstract
रघुवीर सहाय समकालीन हिंदी-कविता के संवेदनशील कवि हैं। इनको कवि के रूप में ’दूसरा सप्तक’ से विशेष ख्याति प्राप्त हुई। इनकी साहित्य सेवा भावना के कारण ही इनको साहित्य अकादमी सम्मान से सम्मानित किया गया। रघुवीर सहाय समकालीन हिंदी जगत के प्रसिद्ध कवि हैं। उनका काव्य समकालीन जगत का यथार्थ चित्र प्रस्तुत करता है। रघुवीर सहाय की प्रारंभिक दौर की कविताओं में भाषा के साथ एक खिलवाड़ या खिलंदड़ापन मिलता है, जो संवेदना के विकास के साथ बाद में काव्यगत विडंबना के लिए काम आता है। रघुवीर सहाय को ’नई कविता’ के समर्थ कवियों में गिना जाता है। वे रोजमर्रा के प्रसंगों को अपनी विशिष्ट काव्य शैली में प्रस्तुत करने में सिद्धहस्त हैं। उनकी पत्रकारिता उनकी कविता को जानदार एवं प्रासंगिक बनाती है इससे उनकी कविताओं में एक खास किस्म की तथ्यात्मकता आ गई है और यह मात्र ’तथ्य’ ना रहकर ’सत्य’ बन जाता है। उन्होंने अपनी कविताओं में रोजमर्रा के प्रसंगों को उठाकर विशिष्ट काव्य-शैली का परिचय दिया है।
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Pages:25-26
How to cite this article:
ओम नारायण "रघुवीर सहाय की कविताओं का वैशिष्टय". International Journal of Hindi Research, Vol 9, Issue 2, 2023, Pages 25-26
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