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International Journal of
Hindi Research
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VOL. 10, ISSUE 3 (2024)
गोविन्द मिश्र के प्रयुक्त पात्रों में अभिव्यक्त मूल्य बोध
Authors
सोनिया सांगवान
Abstract
नैतिक मूल्यों का क्षेत्र अत्यंत व्यापक होता है क्योंकि मानव समाज अपने कार्य व्यवहार, संस्कार, आचरण, संस्कार चिंतन से समाज को सुंदर बनाने की कल्पना करता है। इसके निमित वह दूसरों के लिए कुछ त्याग करता है व कष्ट सहता है और इन्हीं नियमों का प्रतिबिम्बन पात्रों द्वारा करते, साहित्यकार समाज में व्याप्त अंधविश्वास रूढ़ियां, भ्रष्टाचार आदि बुराइयों को चुनौतियां भी देता है। गोविन्द मिश्र की कहानियाँ समाज परक है। समाज की यथार्थपरक स्थितियों के पात्र प्रतिनिधि रूप में इन कहानियों में प्रयुक्त है, वास्तविकता जहां अपने करम यथार्थ रूप में दिखाई देती है। किन्तु ऐसे भी पात्र है जो अपने जीवन को समाज के प्रति समर्पित किए हुए हैं। अथवा वैयक्तिक जीवन में नैतिक जीवन व्यतीत करके घर की नींव बने हुए हैं। राजनीतिक क्षेत्र में निस्वार्थ भाव से सेवा करने वाले या अपनी राजनैतिक पार्टी को जिताने के रात-दिन एक करने वाले व्यक्तियों को उस क्षेत्र में वह सम्मान नहीं मिलता जैसा कि निष्काषित कहानी में प्रदर्शित किया गया है। विश्वासघात का सहारा लेकर अपना स्वार्थ साधने वाले लोगों के मध्य सामाजिक शाश्वत और वैयक्तिक नीतियों की मसाल लेकर मार्गदर्शन करने वाले कम ही लोग मिलते हैं। फिर भी समाज तो इन्हीं के बलबूते ही अपनी सही दिशा का निर्धारण करता है।
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Pages:5-8
How to cite this article:
सोनिया सांगवान "गोविन्द मिश्र के प्रयुक्त पात्रों में अभिव्यक्त मूल्य बोध". International Journal of Hindi Research, Vol 10, Issue 3, 2024, Pages 5-8
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