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VOL. 11, ISSUE 1 (2025)
नासिरा शर्मा के कथा साहित्य में बनते-बिगड़ते रिश्तों का देश
Authors
ममता मिश्रा
Abstract
प्रसिद्ध लेखिका नासिरा शर्मा ने अपने कथा साहित्य में स्त्री मन के विभिन्न भावों, पीड़ाओं, और संघर्षों को बखूबी उकेरा है। उनकी रचनाओं में नारी के आत्मसम्मान, अस्तित्व, और स्वतंत्रता की तलाश को प्रमुखता से स्थान दिया गया है। उन्होंने स्त्री के पारिवारिक और सामाजिक जीवन में आने वाली चुनौतियों और पितृसत्तात्मक समाज की सोच को गहराई से समझा और प्रस्तुत किया है। उनके उपन्यास शाल्मली में वैवाहिक जीवन के संघर्षों और रिश्तों की जटिलताओं को बेहद मार्मिक तरीके से चित्रित किया गया है। शाल्मली की नायिका अपने आत्मसम्मान और स्वतंत्रता की रक्षा के लिए संघर्ष करती है। वहीं, ठीकरे की मंगनी में महरुख और अमृता के पात्र समाज और पारिवारिक ताने-बाने में अपने आत्मसम्मान और बच्चों के भविष्य के लिए लड़ाई लड़ते हैं। नासिरा शर्मा का साहित्य केवल कथा नहीं, बल्कि समाज में स्त्री की स्थिति और बदलाव के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
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Pages:8-10
How to cite this article:
ममता मिश्रा "नासिरा शर्मा के कथा साहित्य में बनते-बिगड़ते रिश्तों का देश". International Journal of Hindi Research, Vol 11, Issue 1, 2025, Pages 8-10
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