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VOL. 11, ISSUE 2 (2025)
प्रसाद के काव्य में मानवीय मूल्यों की अभिव्यक्तिः प्रेम, करुणा और साहस का विश्लेषण
Authors
ज्योत्स्ना, मिथिलेश दीक्षित
Abstract
प्रसाद हिंदी काव्य के प्रमुख स्तंभ माने जाते हैं, जिन्होंने अपनी काव्य रचनाओं में मानवीय मूल्यों का गहनता से चित्रण किया। उनके काव्य में प्रेम, करुणा और साहस जैसी मानवीय संवेदनाओं का उच्चतम स्तर पर प्रस्फुटन हुआ है। इस शोधपत्र का उद्देश्य प्रसाद के काव्य में इन तीन प्रमुख मानवीय मूल्यों दृ प्रेम, करुणा और साहस की अभिव्यक्ति का विश्लेषण करना है। यह विश्लेषण उनके प्रमुख काव्य ष्कामायनीष् के संदर्भ में किया जाएगा। ष्कामायनीष् के माध्यम से प्रसाद ने मानवता, प्रेम, करुणा और साहस की अभिव्यक्ति की जो प्रक्रिया अपनाई, वह न केवल उनके समय के सामाजिक और सांस्कृतिक परिवेश से जुड़ी हुई थी, बल्कि आज भी अत्यंत प्रासंगिक है। इस शोधपत्र में हम यह देखेंगे कि कैसे प्रसाद ने इन मूल्यों के माध्यम से समाज में नैतिक और दार्शनिक चेतना का निर्माण किया और उनकी काव्य शैली में इनकी अभिव्यक्ति किस प्रकार होती है।
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Pages:27-28
How to cite this article:
ज्योत्स्ना, मिथिलेश दीक्षित "प्रसाद के काव्य में मानवीय मूल्यों की अभिव्यक्तिः प्रेम, करुणा और साहस का विश्लेषण". International Journal of Hindi Research, Vol 11, Issue 2, 2025, Pages 27-28
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