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VOL. 11, ISSUE 3 (2025)
एकात्म मानव दर्शन: शिक्षा, न्याय और शासन में भारतीय जीवन-दृष्टि का समग्र दृष्टिकोण
Authors
विजय शाह, दीपिका शाह, ज्योतिंद्र माह्यावंशी
Abstract
एकात्म मानव दर्शन
(Integral Humanism), पंडित दीनदयाल उपाध्याय द्वारा प्रतिपादित एक गहन और भारतीय-केंद्रित विचारधारा है, जिसे 1965 में भारतीय जनसंघ (वर्तमान भारतीय जनता पार्टी) के आधिकारिक सिद्धांत के रूप में अपनाया गया था । यह दर्शन मानव जीवन और संपूर्ण प्रकृति के एकात्म संबंधों पर केंद्रित है, जिसमें मानव-जीवन के विविध अंगों और प्रकृति की विभिन्न शक्तियों में विविधता के बावजूद आंतरिक एकता पर बल दिया गया है । यह एक ऐसा व्यापक दृष्टिकोण प्रस्तुत करता है जो व्यक्ति, समाज, राष्ट्र और संपूर्ण ब्रह्मांड के बीच अंतर्संबंधों को स्वीकार करता है, और इन सभी स्तरों पर संतुलन और सामंजस्य स्थापित करने का प्रयास करता है।
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Pages:51-55
How to cite this article:
विजय शाह, दीपिका शाह, ज्योतिंद्र माह्यावंशी "एकात्म मानव दर्शन: शिक्षा, न्याय और शासन में भारतीय जीवन-दृष्टि का समग्र दृष्टिकोण". International Journal of Hindi Research, Vol 11, Issue 3, 2025, Pages 51-55
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