Logo
International Journal of
Hindi Research
ARCHIVES
VOL. 12, ISSUE 1 (2026)
कबीर की उलटबाँसियो में एक विस्तृत दार्शनिक, साहित्यिक एवं आध्यात्मिक विवेचन
Authors
डॉ. दिनेश कुमार यादव, डॉ. ओम प्रकाश द्विवेदी, मदन मोहन पाण्डेय
Abstract
इस शोध पत्र का विषय “कबीर की उलटबाँसियों में एक विस्तृत दार्शनिक, साहित्यिक एवं आध्यात्मिक विवेचन” कबीर की उस विशिष्ट काव्य-शैली का अध्ययन करता है जिसमें वे सामान्य तर्क और भाषा को उलट कर गूढ़ सत्य प्रकट करते हैं। उलटबाँसियाँ प्रतीकात्मक, विरोधाभासी और रहस्यमयी कथनों के माध्यम से पाठक को चैंकाती हैं और सोचने के लिए बाध्य करती हैं। दार्शनिक दृष्टि से इनमें अद्वैत भावना, माया-भ्रम, आत्मज्ञान और गुरु की महत्ता स्पष्ट होती है। साहित्यिक स्तर पर उलटबाँसियाँ कबीर की सशक्त अभिव्यक्ति, लोकभाषा की सहजता और व्यंग्यात्मक शैली को उजागर करती हैं। आध्यात्मिक रूप से ये रचनाएँ बाह्य आडंबरों, कर्मकांड और पाखंड का खंडन कर अंतर्मुखी साधना और आत्मानुभूति पर बल देती हैं। इस प्रकार कबीर की उलटबाँसियाँ न केवल बौद्धिक चुनौती प्रस्तुत करती हैं, बल्कि साधक को आत्मिक सत्य की ओर उन्मुख भी करती हैं।
Download
Pages:236-239
How to cite this article:
डॉ. दिनेश कुमार यादव, डॉ. ओम प्रकाश द्विवेदी, मदन मोहन पाण्डेय "कबीर की उलटबाँसियो में एक विस्तृत दार्शनिक, साहित्यिक एवं आध्यात्मिक विवेचन". International Journal of Hindi Research, Vol 12, Issue 1, 2026, Pages 236-239
Download Author Certificate

Please enter the email address corresponding to this article submission to download your certificate.