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VOL. 12, ISSUE 1 (2026)
हिंदी भाषा: राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भूमिका: एक विश्लेषणात्मक अध्ययन
Authors
राजपाल, डॉ. अशोक धारनिया
Abstract
हिंदी भाषा भारत की प्रमुख संपर्क भाषा होने के साथ-साथ राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक अभिव्यक्ति और सामाजिक समन्वय का सशक्त माध्यम है। भारत के संविधान के अनुच्छेद 343 के अंतर्गत हिंदी को संघ की राजभाषा का दर्जा प्राप्त है, जिससे इसकी प्रशासनिक, शैक्षिक एवं सामाजिक महत्ता और अधिक सुदृढ़ होती है। हिंदी न केवल भारत के विभिन्न प्रांतों को भाषायी सूत्र में पिरोती है, बल्कि विविधताओं से भरे भारतीय समाज में संवाद का सेतु भी बनती है। राष्ट्रीय स्तर पर हिंदी का उपयोग शासन, न्याय, शिक्षा, मीडिया, साहित्य, सिनेमा और जनसंचार के क्षेत्रों में व्यापक रूप से किया जाता है। यह भाषा भारतीय संस्कृति, परंपरा और मूल्यों की संवाहक है तथा जनमानस की अभिव्यक्ति का सशक्त साधन भी है। हिंदी साहित्य ने सामाजिक चेतना, राष्ट्रवाद और लोकतांत्रिक मूल्यों को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर हिंदी की उपस्थिति निरंतर विस्तार पा रही है। वैश्वीकरण, सूचना-प्रौद्योगिकी और डिजिटल मीडिया के विकास के कारण हिंदी का प्रसार विश्व के अनेक देशों तक हुआ है। अमेरिका, कनाडा, मॉरीशस, फिजी, सूरीनाम और खाड़ी देशों में बसे भारतीय प्रवासी समुदायों ने हिंदी के प्रचार-प्रसार में महत्त्वपूर्ण योगदान दिया है। संयुक्त राष्ट्र में हिंदी को आधिकारिक भाषा का दर्जा दिलाने के प्रयास तथा विश्व हिंदी सम्मेलन जैसे आयोजनों ने इसकी वैश्विक पहचान को सुदृढ़ किया है।
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Pages:168-169
How to cite this article:
राजपाल, डॉ. अशोक धारनिया "हिंदी भाषा: राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भूमिका: एक विश्लेषणात्मक अध्ययन". International Journal of Hindi Research, Vol 12, Issue 1, 2026, Pages 168-169
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