Logo
International Journal of
Hindi Research
ARCHIVES
VOL. 12, ISSUE 1 (2026)
समकालीन हिंदी उपन्यासों में चित्रित स्त्री जीवन
Authors
डॉ. पूनम कुमारी
Abstract
यह शोध आलेख समकालीन हिंदी उपन्यासों में चित्रित स्त्री जीवन के विविध आयामों का विश्लेषण करता है। स्त्री विमर्श के परिप्रेक्ष्य में यह स्पष्ट किया गया है कि पितृसत्तात्मक व्यवस्था ने स्त्री को सामाजिक, मानसिक और आर्थिक रूप से कैसे सीमित किया है। विभिन्न उपन्यासों की नायिकाओं के माध्यम से स्त्री के संघर्ष, आत्मसम्मान, अस्मिता की खोज तथा सामाजिक बंधनों से मुक्ति की आकांक्षा को दर्शया गया है। आधुनिक स्त्री अपनी स्वतंत्र पहचान स्थापित करने और आर्थिक आत्मनिर्भरता प्राप्त करने की दिशा में अग्रसर है। लेख यह भी स्पष्ट करता है कि भारतीय स्त्री विमर्श का उद्देश्य पुरुष के साथ समानता और सह-अस्तित्व स्थारपित करना है।
Download
Pages:251-252
How to cite this article:
डॉ. पूनम कुमारी "समकालीन हिंदी उपन्यासों में चित्रित स्त्री जीवन". International Journal of Hindi Research, Vol 12, Issue 1, 2026, Pages 251-252
Download Author Certificate

Please enter the email address corresponding to this article submission to download your certificate.