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International Journal of
Hindi Research
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VOL. 12, ISSUE 3 (2026)
बंजारा समुदाय की सनातन संस्कृति और पौराणिक एवं ऐतिहासिकता अंतर्संबंध
Authors
डॉ. ललित कुमार धारावत
Abstract
प्रस्तुत शोध पत्र में सनातन धर्म के अभिन्न अंग श्बंजारा समुदायश् की पौराणिक ऐतिहासिकता का अध्ययन श्रीमद्भागवत महापुराण के परिप्रेक्ष्य में किया गया है। लगभग पांच सहस्राब्दी पूर्व रचित भागवत पुराण में बंजारा समाज के मूल पूर्वजों, गोवंश सेवा और उनके सांस्कृतिक योगदान के सूत्रों का अन्वेषण इस लेख का मुख्य उद्देश्य है। शोध में यह दर्शाया गया है कि बंजारा संस्कृति (गोर माटी) केवल एक घुमंतू समुदाय नहीं, बल्कि सनातन धर्म की रक्षक, रचयिता और संवाहक रही है। यह अध्ययन लोक-परंपराओं और पौराणिक साक्ष्यों के अंतर्संबंधों को रेखांकित करता है।
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Pages:85-95
How to cite this article:
डॉ. ललित कुमार धारावत "बंजारा समुदाय की सनातन संस्कृति और पौराणिक एवं ऐतिहासिकता अंतर्संबंध". International Journal of Hindi Research, Vol 12, Issue 3, 2026, Pages 85-95

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